CJP जंतर – मंतर प्रदर्शन 2026: क्या है पूरा मामला?

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 6 जून को नईं दिल्ली के जंतर – मंतर में अपना पहला बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व CJP के संस्थापक अभिजित दीपके ( Abhijeet Dipke) ने किया।

प्रदर्शन क्यों किया गया? 

CJP ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगे रखी:

  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद प्रधान के इस्तीफे की मांग
  • NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कठित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाना
  • शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग
  •  युवाओं के लिए पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने की अपील
  • छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही की मांग

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन में शामिल लोगों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाये और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की मांग की।

प्रदर्शन की मुख्य बाते 

  • प्रदर्शन सुबह 10 बजे जंतर – मंतर पर शुरू हुआ ।
  • बड़ी संख्या में छात्र, युवा ओर समर्थक इसके शामिल हुए।
  • कई प्रदर्शन करी कोकरोच मास्क पहनकर पहुंच, जो CJP का प्रतीक बन चुका है।
  • आंदोलन को सोनम वांगचुक सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन मिला।
  • CJP ने अपने समर्थकों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने, राष्ट्रीय ध्वज और किताबें साथ लाने की अपील की।

अभिजित दीपके कौन है?

अभिजित दीपके CJP के संस्थापक हैं। वे महाराष्ट्र से हैऔर अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद भारत लौटे। उन्होंने इस आंदोलन को युवाओं की समस्याओं को उठाने का एक मंच बताया।

CJP क्या एक राजनीतिक पार्टी है?

वर्तमान में CJP को एक युवा- नेतृत्व वाले सामाजिक और राजनीतिक आन्दोलन के रूप में देखा जा रहा है। यह युवाओ, शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहा है।

मुख्य बिंदु

  • जंतर – मंतर प्रदर्शन 6 जून 2026 को आयोजित हुआ।
  • CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने नेतृत्व किया।
  • मुख्य मांग: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफे।
  • मुद्दे: NEET, परीक्षा अनियमिताएं और शिक्षा सुधार।
  • प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए।
  • आंदोलन ने शांतिपूर्ण विरोध का संदेश दिया।

प्रदर्शन की मुख्य मांगें 

1. शिक्षा मात्री के इस्तीफे की मांग 

प्रदर्शनकारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। उनका आरोप था कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार समस्याएं सामने आ रही है, जिनके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए।

2. परीक्षा प्रणाली में सुधार 

CJP ने निम्नलिखित मुद्दों को उठाया:

  • NEET परीक्षा में कथित अनियमिताएं
  • पेपर लीक की घटनाएं
  • मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता
  • छात्रों के भविष्य की सुरक्षा
  • भर्ती परीक्षाओं में निष्पक्षता

3. युवाओं के रोजगार से जुड़े मुद्दे 

प्रदर्शन में बेरोजगारी और युवाओं के लिए सीमित रोजगार अवसरों को भी प्रमुख मुद्दा बनाया गया। reuters के अनुसार, यह आंदोलन युवाओं की बढ़ती निराशा और असंतोष को दर्शाता है।

अभिजित दीपके की भूमिका 

CJP के संस्थापक अभिजित दीपके अमेरिका से भारत लौटकर सीधे एस प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्हें प्रदर्शनकरीयो से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने की अपील की

उन्होंने समर्थकों से कहा:

  • पुलिस कर्मचारियों को फूल भेट करे
  • किसी भी प्रकार की हिंसा से बचे
  • लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखे

यह संदेश ” Love and peace” थीम के तहत दिया गया। और ये मुहीम देश को जनता को प्रभावित कर रही है।

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